राजस्थान रॉयल्स ने CSK को 8 विकेट से हराया, वैभव सूर्यवंशी की तूफानी फिफ्टी

 गुवाहाटी
बाएं हाथ के तूफानी वैभव सूर्यवंशी हिटिंग मशीन के तौर पर अपनी पहचान बना रहे हैं. पहले उन्होंने आईपीएल 2025 में तहलका मचाया और अब 19वें सीजन के पहले ही मैच में 15 बॉल पर 50 रन ठोक तबाही मचा दी. उन्होंने इस पारी के दम पर एक तरह से ऐलान कर दिया है कि सामने कोई भी गेंदबाज हो, उन्हें फर्क नहीं पड़ता. 30 मार्च की शाम जब वो गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में बैटिंग करने आए तो छक्कों की बारिश कर दी. उनकी 17 बॉल पर 52 रनों की तूफानी पारी के दम पर राजस्थान ने चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से रौंद दिया. जीत के हीरो वैभव ने मैच के बाद अपने गेम प्लान और माइंडसेट के बारे में बड़ा खुलासा किया। 

चेन्नई ने पहले बैटिंग करते हुए 128 रनों का टारगेट सेट किया था, जिसका पीछा करने उतरे वैभव ने पहले ओवर से पिटाई शुरू की. उन्होंने 4 चौके और 5 छक्कों की मदद से 17 बॉल पर 52 रन ठोके. मैच के बाद वैभव ने अपनी शानदार पारी और जन्मदिन के जश्न पर मजेदार बातें साझा कीं. उन्होंने बताया कि 27 मार्च को बर्थडे के दिन कुछ खास सेलिब्रेशन नहीं किया. उन्होंने बताया, 'सच कहूं तो मैंने कुछ खास नहीं किया. केक कटिंग होने वाली थी, लेकिन चेहरे पर केक मलने से बचने के लिए मैं जल्दी सो गया था। 

ये भी पढ़ें :  बल्लेबाज रिंकू सिंह ने की सगाई, युवा सांसद प्रिया सरोज के साथ रचाएंगे शादी

वैभव ने आखिर क्या कहा?
अपनी बैटिंग के तरीके के बारे में वैभव ने चेहरे पर एक शरारती स्माइल लेकर कहा कि मैं डिफेंस के बारे में सोचता तो हूं, लेकिन आज हमारा प्लान पावरप्ले में गेम को कंट्रोल करना था, क्योंकि छोटे टारगेट का पीछा करते समय यह दौर बहुत अहम होता है. अगर बॉलिंग टीम वहां अच्छा करती है, तो गेम उनकी तरफ झुक सकता है, लेकिन हमारा पावरप्ले बहुत अच्छा रहा। 

ये भी पढ़ें :  रीवा के कुलदीप सेन को किंग्स इलेवन पंजाब ने 80 लाख रुपये में खरीदा

चेन्नई के खिलाफ 128 रनों के टारगेट को चेज करने की सोच के बारे में वैभव ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि शुरुआत में विकेट थोड़ा चिपचिपा (Sticky) था, लेकिन जैसे-जैसे गेंद पुरानी हुई, वह बल्ले पर अच्छी तरह आने लगी.

वैभव सूर्यवंशी ने अपने गेम प्लान और मानसिकता के बारे में बताया कि कोचिंग स्टाफ ने मुझसे बस इतना कहा कि वे मुझ पर भरोसा करते हैं और मुझे अपना नेचुरल गेम खेलना चाहिए. मेरे ओपनिंग पार्टनर यशस्वी जायसवाल हर गेंद के बाद मुझसे बात कर रहे थे. वह मुझे स्ट्राइक रोटेट करने और अच्छे शॉट्स खेलने के लिए लगातार गाइड कर रहे थे। 

ये भी पढ़ें :  उज्जैन में संतों का विरोध: IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को मैदान में खेलने की अनुमति नहीं देंगे

मैच का लेखा-जोखा
अगर मैच की बात करें तो बरसापारा स्टेडियम में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की टीम 19.4 ओवरों में सिर्फ 127 रन बना सकी थी. राजस्थान के लिए वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल की जोड़ी ने पावरप्ले में तेज शुरुआत दिलाई और पहले 6 ओवरों में ही मैच चेन्नई की पकड़ से दूर कर दिया. राजस्थान ने मात्र 12.1 ओवर में 2 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। 

ऐतिहासिक जीत
यह जीत राजस्थान रॉयल्स के आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी जीत (गेंद शेष रहने के मामले में) साबित हुई. राजस्थान ने 47 गेंद बाकी रहते जीत हासिल की और 12 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा. इससे पहले राजस्थान ने 2014 में आरसीबी के खिलाफ 42 गेंद रहते जीत दर्ज की थी. 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment